शहर के होटल वाओ क्रेस्ट, इंदौर जुटे पेट्स और पेट पैरेंट्स
इंदौर : इंदौर के होटल वाओ क्रेस्ट, इंदौर आईएचसीएल सिलेक्शंस में शनिवार को ‘पेट टॉक्स’ का आयोजन किया गया। इस इवेंट ने शहर के पेट लवर्स और उनके प्यारे पालतू जानवरों को एक बेहतरीन अनुभव प्रदान किया।
इस मौके पर होटल वाओ क्रेस्ट, इंदौर आईएचसीएल सिलेक्शंस के जनरल मेनेजर श्री विदीश म्हात्रे ने कहा, “हमारा उद्देश्य हमेशा से अपने मेहमानों को अनोखा और खास अनुभव देना रहा है। ‘पेट टॉक्स’ के जरिए हमने पेट्स और उनके पैरेंट्स को एक ऐसा प्लेटफॉर्म देने की कोशिश की है, जहां वे खुलकर अपने पालतू जानवरों के साथ समय बिता सकें। इस आयोजन में 15 से अधिक पेट्स ने हिस्सा लिया और अपने पेट पैरेंट्स के साथ मिलकर इस इवेंट को यादगार बना दिया। इवेंट में फाइंड माई ऑनर, हर्डल रेस, और रैंप वॉक जैसे अनोखे और मजेदार कार्यक्रम हुए, जिन्होंने सभी उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया।”

विदीश आगे बताते हैं कि , “कार्यक्रम में वेटरनरी डॉक्टर द्वारा महत्वपूर्ण टिप्स भी साझा किए गए, जिनमें पेट्स के स्वास्थ्य, खानपान, और देखभाल से संबंधित जानकारी दी गई। इन टिप्स ने पेट पैरेंट्स को अपने पालतू जानवरों की बेहतर देखभाल करने के लिए प्रेरित किया। इस इवेंट में पेट्स और उनके पेट पैरेंट्स ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इसे एक यादगार दिन बना दिया। रैंप वॉक में पेट्स का आत्मविश्वास काफी कमाल का था, वहीं हर्डल रेस ने सभी को रोमांचित कर दिया। हम आगे भी ऐसे इवेंट्स का आयोजन करते रहेंगे।”

इवेंट में शामिल वेटरनरी डॉक्टर एच के मेहता ने कहा , “पेट्स हमारे जीवन का अहम हिस्सा हैं, और उनकी सेहत और खुशहाली का ध्यान रखना हमारी जिम्मेदारी है। ‘पेट टॉक्स’ जैसे इवेंट्स न केवल जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि पेट्स और उनके पैरेंट्स को आपस में बेहतर जुड़ाव का मौका भी देते हैं। नए लोग पालतू जानवर को घर लाने से पहले अच्छी तरह से सोच-विचार करें। ऐसा पालतू चुनें जो आपके घर और जीवनशैली के अनुकूल हो। पेट्स को पालने में समय और पैसे दोनों लगते हैं, इसलिए ध्यान रखें कि आप उन्हें बेहतर भोजन, पानी, आश्रय, स्वास्थ्य देखभाल, और साथी प्रदान कर सकें। टैग और माइक्रोचिप के साथ उनके पहचान दस्तावेज़ अपडेट रखें। वैक्सीनेशन, पैरासाइट कण्ट्रोल और सही प्रशिक्षण का ध्यान दें। बीमार होने पर उनका ध्यान रखें और सुनिश्चित करें कि उनका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बना रहे। जिम्मेदार पेट पैरेंट्स ही उनके खुशहाल जीवन की कुंजी है।”
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