Skip to content
localIndore.in
loader-image
Indore
3:08 PM, 18/02/2026
temperature icon 30°C
clear sky
Humidity: 39 %
Wind: 22 Km/h
Clouds: 3%
Visibility: 6 km
Sunrise: 6:57 AM
Sunset: 6:24 PM
Menu
  • होम
  • स्वास्थ
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • खेल
  • व्यापार / कॉर्पोरेट
  • राजनीति
  • विज्ञान
Menu

इंदौर के डॉक्टरों की मेहनत से नवजात शिशु को मिला नया जीवन

Posted on February 17, 2025

इंदौर:  महज 15 दिन के एक नवजात शिशु में जब एक दुर्लभ संक्रमण ने दस्तक दी, तब इंदौर के बारोड़ अस्पताल के डॉक्टरों ने एक अभूतपूर्व चिकित्सकीय सफलता हासिल की। शिशु की पीठ और पुट्ठों की त्वचा काली पड़ने के साथ, संक्रमण तेजी से पेट और नाभि तक फैल गया था। यह स्थिति विशेष रूप से खतरनाक थी, क्योंकि नाभि के माध्यम से संक्रमण शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित कर सकता था।

बच्चे को सिनर्जिस्टिक बैक्टीरियल गैंग्रीन और सेप्टीसीमिया का गंभीर संक्रमण था। डॉ. हिमांशु केलकर की देखरेख में भर्ती कराए जाने के समय, बच्चे की ब्लड काउंट 29,000 तक पहुंच चुकी थी। नवजात दूध पीने में भी असमर्थ था, जिससे स्थिति और भी जटिल हो गई थी।

विशेषज्ञों की राय

बारोड़ अस्पताल के चीफ़ प्लास्टिक और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जन डॉ. अश्विनी दास ने इस मामले को “अत्यंत जटिल और चुनौतीपूर्ण” बताया। उन्होंने कहा, “सिनर्जिस्टिक बैक्टीरियल गैंग्रीन नवजात शिशुओं के लिए एक अत्यंत घातक संक्रमण है। इस मामले में, टीम के समर्पण और परिवार के विश्वास ने असंभव को संभव बना दिया।”

चिकित्सा में एक महत्वपूर्ण नवाचार था मेट्रिडर्म (कृत्रिम त्वचा) का उपयोग। एक कंपनी ने 40,000 रुपये की कृत्रिम त्वचा नि:शुल्क उपलब्ध कराई, जिसका दो बार सफल प्रयोग किया गया। यह दुनिया में पहला मामला है जहां 15 दिन के नवजात पर डर्मल सब्सटीट्यूट का सफल प्रयोग किया गया।

समन्वित टीम प्रयास

बारोड़ हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. संजय गोकुलदास ने इस सफलता को पूरी मेडिकल टीम का सामूहिक प्रयास बताया। एनेस्थीसिस्ट डॉ. चौहान, पीडियाट्रिशियन डॉ. हिमांशु केलकर, पीडियाट्रिक आईसीयू की इंटेंसिविस्ट डॉ. ब्लूम वर्मा, और डॉ. अश्विनी दास की टीम ने मिलकर इस जटिल चुनौती का सामना किया।

 नई जिंदगी की ओर

आज, वही नन्हा सार्थक सवा महीने का 4 किलो का स्वस्थ बालक है। डॉ. गोकुलदास के शब्दों में, “यह केवल चिकित्सा की जीत नहीं, बल्कि एक परिवार की उम्मीदों का पुनर्जन्म है। यह मेडिकल जगत के लिए एक प्रेरणादायक उपलब्धि है।”

Thank you for reading this post!

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

स्वच्छता का महागुरु: इंदौर

https://localindore.in/wp-content/uploads/2026/02/or-Chhota-wala.mp4

Search

Recent Posts

  • इंदौर की 5 साल की जियाना सुडोकू में बनी विश्व रिकॉर्ड होल्डर
  • देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में 221 छात्रों को पीएचडी उपाधि
  • इंदौर मेट्रो: पीलियाखाल के 16 मकान तोड़े जाएंगे, 28 परिवार बेघर!
  • ISA क्रिकेट लीग 2026: 32 टीमों का महायुद्ध, 1 मार्च को फाइनल!
  • इंदौर की ग्रीन पार्क कॉलोनी में बालकनी से गिरी नवविवाहिता

RSS MPinfo Hindi News

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुंबई क्लाइमेट वीक-2026 में करेंगे 18 फरवरी को विशेष सत्र की अध्यक्षता
  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुलैथ में बुधवार को कृषक कल्याण वर्ष के पहले किसान सम्मेलन का करेंगे शुभारंभ
  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जेईई मुख्य परीक्षा में सफल विद्यार्थियों को दीं बधाई और शुभकामनाएं
  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वतंत्रता सेनानी वासुदेव बलवंत फड़के की पुण्य तिथि पर दी श्रद्धांजलि
  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. कर्पूरी ठाकुर की पुण्य तिथि पर किया नमन

RSS MPinfo English News

  • CM Dr. Yadav to Chair Special Session at Mumbai Climate Week 2026 on Feb 18
  • Chief Minister Dr. Yadav to inaugurate the first Farmers’ Conference at Kulaith on Wednesday
  • Chief Minister Dr. Yadav Congratulates Successful JEE Main Aspirants
  • MP Becomes a Rapidly Growing Economy with focus on Inclusive Development : CM. Dr. Yadav
  • Chief Minister Dr. Yadav Pays Tribute Freedom Fighter Vasudev Balwant Phadke

Archives

Local Indore

  • About localindore.in
  • Privacy Policy
  • Write to Us!!
©2026 Local Indore | Design: Newspaperly WordPress Theme