इंदौर के पोलो ग्राउंड क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग (PWD) एक नया रेलवे ओवरब्रिज (ROB) बना रहा है, जिसकी खास बात इसका ‘ज़ी-शेप’ डिज़ाइन है। यह डिज़ाइन शहर में लोगों का ध्यान खींच रहा है और चर्चा का विषय बन गया है।
यह पुल भोपाल के ऐशबाग में बने 90-डिग्री मोड़ वाले ब्रिज जैसा है, जिसने पहले भी काफी चर्चा बटोरी थी। अब इंदौर का यह ओवरब्रिज भी उसी वजह से सुर्खियों में है।
पुल में दो तीखे 90-डिग्री मोड़ हैं। पहला मोड़ लक्ष्मीबाई नगर से भगीरथपुरा होते हुए पोलो ग्राउंड की ओर जाने वाले हिस्से में है, जबकि दूसरा मोड़ पोलो ग्राउंड से एमआर-4 की ओर जाने वाले हिस्से में है।
इस असामान्य डिज़ाइन को लेकर लोग अब इसकी सुरक्षा और व्यवहारिकता पर सवाल उठा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि PWD ने पुल के निर्माण से पहले न तो ट्रैफिक का सर्वे किया और न ही क्षेत्र की जरूरतों को समझने की कोशिश की।
इतना ही नहीं, पुल का तीसरा हिस्सा एक संकरी सड़क पर उतारने की योजना है, जिससे समस्या और बढ़ सकती है। हालांकि, फिलहाल पुल का निर्माण कार्य जारी है।
मंत्री ने कहा – बनाई जाएगी समिति
PWD मंत्री राकेश सिंह ने भोपाल में कहा कि यह पुल 114 डिग्री का है। उन्होंने बताया कि जब जगह सीमित होती है, तो उपलब्ध स्थान में ही निर्माण करना पड़ता है। मोड़ की बात करें तो मानक के अनुसार रेडियस 15 मीटर से कम नहीं होना चाहिए। यहां वह 20 मीटर है और सुपर एलिवेशन (ढलान) भी दिया गया है। साथ ही डिज़ाइन में स्पीड लिमिट 20 किमी प्रति घंटा रखी गई है।
बुधवार को भी पुल पर कई मज़दूर काम कर रहे थे। पोलो ग्राउंड की ओर जहां पुल का निर्माण हो रहा है, वहां अभी तक पक्की सड़क नहीं बनी है। बारिश के कारण कीचड़ जमा हो गया है। पुल को विभिन्न हिस्सों में तैयार किया जा रहा है, लेकिन जहां 90-डिग्री मोड़ बनना है, उस हिस्से में अब तक केवल पिलर का काम ही हुआ है। दूसरी ओर की स्थिति भी ऐसी ही है।
कलेक्टर बोले – डिज़ाइन भोपाल में अप्रूवल के लिए भेजा गया है
इस मामले में इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि इसमें कोई समस्या नहीं है। ब्रिज का ड्रॉइंग डिजाइन भोपाल स्तर पर सबमिशन में है, और स्वीकृति के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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