राजबाड़ा के पीछे व्यापारी UPI बारकोड बॉक्स ढंककर करेंगे प्रतीकात्मक विरोध
इंदौर । ₹2,000 से अधिक के UPI लेन-देन पर प्रस्तावित मर्चेंट सरचार्ज के विरोध में इंदौर के व्यापारी बुधवार, 23 सितंबर को ‘नो यूपीआई डे’ मनाएंगे। अभियान के तहत व्यापारियों ने मंगलवार को बाजार की दुकानों पर पहुंचकर ग्राहकों से एक दिन UPI का इस्तेमाल नहीं करने और अभियान में सहयोग करने की अपील की।
अहिल्या चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के आह्वान पर इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन भी अभियान में शामिल है। व्यापारियों के अनुसार यह विरोध शांतिपूर्ण और प्रतीकात्मक तरीके से किया जाएगा।
राजबाड़ा के पीछे जमा होंगे UPI बारकोड बॉक्स
‘नो यूपीआई डे’ के तहत 23 सितंबर को दोपहर राजबाड़ा के पीछे मुख्य बाजार में व्यापारी अपनी दुकानों पर रखे UPI बारकोड बॉक्स एकत्र करेंगे। इसके बाद इन बारकोड बॉक्स को सामूहिक रूप से काले कपड़े से ढंककर प्रस्तावित मर्चेंट सरचार्ज के विरोध में सांकेतिक प्रदर्शन किया जाएगा।
इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन ने बताया कि एसोसिएशन से जुड़े संस्थानों पर ‘नो यूपीआई डे’ के पोस्टर लगाए गए हैं। उन्होंने व्यापारियों से अभियान में शांतिपूर्ण और प्रतीकात्मक तरीके से शामिल होने की अपील की है।
अतिरिक्त लेन-देन लागत को लेकर व्यापारियों की चिंता
व्यापारी संगठनों का कहना है कि खुदरा कारोबार में मार्जिन सीमित होता है। ऐसे में बड़े मूल्य के डिजिटल लेन-देन पर अतिरिक्त लागत लागू होने से कारोबार की लागत प्रभावित हो सकती है।
इसी मुद्दे को लेकर व्यापारी संगठनों ने प्रस्तावित मर्चेंट शुल्क की व्यवस्था पर पुनर्विचार करने और व्यापारियों के हित में स्पष्ट नीति बनाने की मांग उठाई है।
ग्राहकों से भी सहयोग की अपील
अभियान से पहले व्यापारी बाजार में ग्राहकों से भी सहयोग की अपील कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि ‘नो यूपीआई डे’ का उद्देश्य ग्राहकों को असुविधा देना नहीं, बल्कि प्रस्तावित मर्चेंट शुल्क को लेकर अपनी चिंता सामूहिक और शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक पहुंचाना है।
व्यापारियों ने ग्राहकों से 23 सितंबर को जहां संभव हो, UPI के बजाय भुगतान के अन्य उपलब्ध विकल्पों का इस्तेमाल करने का आग्रह किया है।
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