इंदौर। युवाओं में सिर्फ नए बिजनेस शुरू करने की सोच ही नहीं, बल्कि समाज, पर्यावरण और अर्थव्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के समाधान की क्षमता भी है। इसी सोच को मंच देने के उद्देश्य से आयोजित धारा 2.0 – ई-समिट में स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों ने अपने अभिनव विचारों के जरिए बेहतर भविष्य की तस्वीर पेश की।
सॉफ्ट विजन एजुकेशनल सोसायटी के निदेशक स्मित देसाई के विशेष मार्गदर्शन में ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस (जीएसबी) द्वारा यंग इंडियंस (वाईआई) के सहयोग से आयोजित इस ई-समिट में 50 से अधिक स्कूल और कॉलेज की टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (एसडीजी) पर आधारित सामाजिक, पर्यावरणीय और आर्थिक चुनौतियों के नए समाधान प्रस्तुत किए गए।
वैष्णव विद्यापीठ की टीम एमलॉक प्रथम
कॉलेज श्रेणी में वैष्णव विद्यापीठ की टीम एमलॉक ने प्रथम स्थान हासिल किया और एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार जीता। टीम के सदस्य श्रेयांश रांगावत के आइडिया की विशेषज्ञों ने विशेष सराहना की।
वहीं, स्कूल श्रेणी में एडवांस अकादमी की टीम को उनके प्रोजेक्ट “O20 Oxide2Opportunity” के लिए 50 हजार रुपये का द्वितीय पुरस्कार दिया गया। टीम में अभ्युदय पांडे, तान्या माहेश्वरी, पीयूष सांकी, फील इंडियन और भारत मंडलोई शामिल थे।
बिजनेस के साथ सामाजिक प्रभाव पर भी फोकस
सॉफ्ट विजन एजुकेशनल सोसायटी के निदेशक स्मित देसाई ने कहा कि कार्यक्रम में युवाओं के पास केवल नए बिजनेस आइडिया ही नहीं, बल्कि समाज और दुनिया को बेहतर बनाने की सोच भी दिखाई दी। यह प्रतियोगिता पारंपरिक बिजनेस आइडिया कॉन्टेस्ट से अलग थी। इसमें युवाओं से यह सवाल किया गया कि हम एक बेहतर दुनिया कैसे बना सकते हैं।
उन्होंने बताया कि प्रतिभागियों ने पर्यावरण, समाज और अर्थव्यवस्था से जुड़ी वास्तविक समस्याओं के व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य समाधान प्रस्तुत किए। आइडिया का मूल्यांकन उसकी नवीनता के साथ-साथ व्यावहारिकता, स्थायित्व, विस्तार क्षमता, सामाजिक प्रभाव और क्रियान्वयन क्षमता के आधार पर किया गया।
शार्क-स्टाइल पिचिंग में विशेषज्ञों ने परखे आइडिया
प्रतिभागियों ने शार्क-स्टाइल पिचिंग फॉर्मेट में अनुभवी उद्यमियों और उद्योग विशेषज्ञों के सामने अपने विचार प्रस्तुत किए। विशेषज्ञों ने बिजनेस मॉडल, बाजार की संभावना, ग्राहक की जरूरत, नवाचार और सामाजिक प्रभाव से जुड़े सवाल पूछकर इन आइडिया को परखा।
कार्यक्रम में माइक्रोमिट्टी के संस्थापक एवं सीईओ मनोज धनोतिया, वर्की ऑफिस स्पेसेज के संस्थापक सावन लड्ढा, एनआरसी ग्रुप के संस्थापक अंकुश गोयल, किमिरिका एंड एंडोकैनेडियन के सह-संस्थापक मोहित जैन तथा उद्यमी स्मित देसाई सहित अन्य विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
विजेता टीमों को मिलेगी मेंटॉरशिप
विजेता टीमों को अनुभवी उद्यमियों और उद्योग विशेषज्ञों की मेंटॉरशिप भी मिलेगी। मेंटर्स इन आइडिया की व्यावहारिकता, बाजार संभावना, वित्तीय व्यवहार्यता और विस्तार क्षमता पर काम करते हुए उन्हें टिकाऊ बिजनेस मॉडल में बदलने में मदद करेंगे। इस तरह धारा 2.0 युवाओं को ‘आइडिया टू बिजनेस’ की दिशा में आगे बढ़ाने का मंच बना।
आयोजन जीएसबी प्राचार्य डॉ. शिखा अग्रवाल के नेतृत्व में हुआ। समन्वय प्रो. अभिमन्यु मिश्रा ने किया, जबकि छात्र स्तर पर यश गुप्ता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यंग इंडियंस के चेयर करण भरुका का भी सहयोग रहा।
धारा 2.0 के माध्यम से युवाओं ने यह संदेश दिया कि वे केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान तैयार करने और बेहतर भविष्य की नींव रखने की क्षमता रखने वाले भी हैं।
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