इंदौर। बंगाली चौराहा से पीपल्याहाना के बीच तीन साल से अटके आरई-2 (RE-2) सड़क मार्ग के शेष हिस्से को पूरा कराने के लिए मंगलवार सुबह नगर निगम और जिला प्रशासन ने बड़ी रिमूवल कार्रवाई शुरू की। करीब 11 बजे प्रशासनिक अमला जेसीबी, पोकलेन मशीनों और भारी पुलिस बल के साथ बिचौली कांकड़, शिव नगर और शिव दर्शन नगर पहुंचा और सड़क निर्माण में बाधक पक्के व कच्चे निर्माणों को हटाने की कार्रवाई शुरू की।
कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय रहवासियों ने विरोध किया। देखते ही देखते कुछ लोगों ने रिमूवल टीम और पुलिस जवानों पर पथराव कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग कर उपद्रवियों को मौके से खदेड़ा। झड़प में दो लोगों के घायल होने की सूचना है, जिन्हें उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने उपद्रव और शासकीय कार्रवाई में बाधा डालने के आरोप में दो लोगों को हिरासत में लिया है। वहीं, महिला पुलिसकर्मियों ने विरोध कर रहीं महिलाओं को मौके से हटाकर स्थिति संभाली।
भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच प्रशासन की कार्रवाई जारी रही और जेसीबी की मदद से सड़क की जद में आ रहे बाधक निर्माणों को हटाया गया।
4.25 किमी लंबी सड़क, एक किमी हिस्सा तीन साल से अधूरा
आरई-2 सड़क परियोजना की कुल लंबाई 4.25 किलोमीटर और चौड़ाई 45 मीटर है। इसमें करीब 3.20 किलोमीटर सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि बंगाली चौराहा से पीपल्याहाना के बीच लगभग एक किलोमीटर हिस्सा बाधक बस्तियों के कारण पिछले तीन वर्षों से अधूरा है। सड़क और इससे जुड़े कनेक्टिविटी कार्यों पर अब तक करीब 55 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
पूरे मार्ग में सात बस्तियां सड़क निर्माण में बाधक बनी हुई थीं। इनके हटाने के लिए सीमांकन के बाद चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा रही है।
नीलगिरि परिसर में प्रभावित परिवारों का पुनर्वास
नगर निगम के अनुसार, सड़क निर्माण से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया भी जारी है। पिपल्याहाना-बिचौली कांकड़ क्षेत्र के 325 परिवारों को पहले ही शिफ्ट किया जा चुका है, जिनमें से 303 परिवार आवासीय इकाइयों में बस चुके हैं। कोर्ट के स्टे के कारण 22 मकानों को पहले नहीं हटाया जा सका था। न्यायिक आदेश के बाद इन परिवारों को भी आवास आवंटित कर 15 दिन का विधिवत नोटिस दिया गया था।
इसके अलावा सड़क की जद में आए 58 अवैध कच्चे झोपड़ों को पहले ही हटाया जा चुका है। प्रशासन के अनुसार शांति नगर, पंचमुखी हनुमान मंदिर नायता रोड, स्कंद धाम कॉलोनी और आरटीओ के पास की बस्तियों से विस्थापित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत नीलगिरि परिसर में फ्लैट आवंटित किए गए हैं।
अब शिव नगर के 80 मकानों में रह रहे 117 परिवारों और शिव दर्शन नगर के 55 मकानों में रहने वाले 72 परिवारों को भी नीलगिरि परिसर में शिफ्ट करने की प्रक्रिया चल रही है।
सड़क बनने से ट्रैफिक दबाव होगा कम
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, बाधक निर्माण पूरी तरह हटने के बाद सड़क के शेष एक किलोमीटर हिस्से का निर्माण और डामरीकरण तेजी से शुरू कराया जाएगा। आरई-2 के पूरा होने से भूरी टेकरी, पीपल्याहाना, बंगाली चौराहा और नायता मुंडला आरटीओ क्षेत्र को सीधी वैकल्पिक कनेक्टिविटी मिलेगी।
इससे रिंग रोड और प्रमुख चौराहों पर वाहनों का दबाव कम होने के साथ ही इन क्षेत्रों के बीच आवागमन भी आसान होने की उम्मीद है।
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