इंदौर। इस साल कम बारिश के कारण आगामी गर्मी में पेयजल आपूर्ति को लेकर इंदौर में तैयारियां शुरू हो गई हैं। शहर में जल संकट की आशंका को देखते हुए महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ₹50 करोड़ के विशेष पैकेज की मांग की। इस दौरान यशवंत सागर और बिलावली तालाब में जल संग्रहण बढ़ाने के लिए नर्मदा-गंभीर लिंक परियोजना के माध्यम से पानी पहुंचाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
महापौर ने मुख्यमंत्री के समक्ष शहर की पेयजल जरूरतों का मुद्दा उठाते हुए दोनों जल स्रोतों में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई। उन्होंने नर्मदा-गंभीर लिंक परियोजना के जरिए यशवंत सागर तालाब को भरने और परियोजना की चैनल के माध्यम से बिलावली तालाब तक पानी पहुंचाने की संभावनाओं पर विचार करने का आग्रह किया।
महापौर ने कहा कि कम बारिश की स्थिति में गर्मी के दौरान शहर की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए जल स्रोतों में पर्याप्त पानी का संग्रहण सुनिश्चित करना जरूरी है। इसके लिए आवश्यकता के अनुसार नर्मदा-गंभीर लिंक परियोजना से दोनों तालाबों में पानी उपलब्ध कराने के विकल्प पर विचार किया जा सकता है।
महापौर ने संभावित जल संकट से निपटने और नागरिकों को नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार से आवश्यक सहयोग मांगा। प्रस्तावित ₹50 करोड़ के विशेष पैकेज का उद्देश्य शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना और आगामी गर्मी के मद्देनजर समय रहते जरूरी इंतजाम करना है।
जल प्रबंधन के लिए प्रमुख प्रस्ताव
- ₹50 करोड़: इंदौर की पेयजल व्यवस्था मजबूत करने के लिए विशेष पैकेज की मांग।
- दो जल स्रोत: यशवंत सागर और बिलावली तालाब में जल संग्रहण बढ़ाने पर जोर।
- नर्मदा-गंभीर लिंक परियोजना: दोनों तालाबों तक पानी पहुंचाने की संभावनाओं पर चर्चा।
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