इंदौर। राजवाड़ा की भीड़ में रविवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पीएम ई-बस सेवा की एक इलेक्ट्रिक बस अचानक अनियंत्रित होकर ऑटो रिक्शा, स्कूटर, बाइक और पैदल यात्रियों को टक्कर मारते हुए आगे बढ़ गई। बस करीब 100 फीट दूर जाकर पूजन सामग्री की दुकान के काउंटर से टकराने के बाद रुकी। हादसे में चार लोग बस की चपेट में आए, जिनमें एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि अन्य घायलों का उपचार जारी है।
एडिशनल डीसीपी (क्राइम) राजेश दंडोतिया के मुताबिक घटना रविवार दोपहर करीब ढाई बजे की है। इलेक्ट्रिक बस (एमपी 09 बीएस 8926) राजवाड़ा के बस स्टैंड की ओर जा रही थी। इसी दौरान अचानक बस का नियंत्रण बिगड़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस की रफ्तार कम होने के बजाय वह लगातार आगे बढ़ती गई। रास्ते में आए ई-रिक्शा से टकराने के बाद भी चालक बस को रोक नहीं सका और कई राहगीर उसकी चपेट में आ गए।
दुकान संचालक राकेश सुगंधी के अनुसार उनकी दुकान के सामने ग्राहकों की बाइक और एक रिक्शा खड़ा था। बस उनसे टकराने के बाद जाकर रुकी। हादसे में गणेश उर्फ पिंटू पुत्र केशव निवासी अशोक नगर छोटा बांगड़दा की मौत हुई है। घायलों में जितेंद्र पुत्र बाबूलाल शर्मा सहित अन्य लोग शामिल हैं।
चंद सेकंड में मची भगदड़
राजवाड़ा जैसे व्यस्त बाजार में बस के अनियंत्रित होने के बाद चंद सेकंड में भगदड़ की स्थिति बन गई। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के दुकानदार और राहगीर मौके पर पहुंचे। सराफा एसीपी यश बिजौरिया भी उस समय राजवाड़ा पर मौजूद थे। उन्होंने धीरज सिंह, राहुल और अन्य लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकलवाकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
हादसे के बाद बस चालक धनराज गांगले बस से उतरकर भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन एसीपी यश बिजौरिया ने दौड़कर उसे पकड़ लिया। एमजी रोड पुलिस ने राधेश्याम सीताराम भाटी निवासी चाणक्यपुरी कॉलोनी, देवास की शिकायत पर चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस शुरुआती जांच में चालक की लापरवाही सामने आने की बात कह रही है। साथ ही बस की गति, चालक द्वारा नियंत्रण खोने के कारण और हादसे के समय की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
गुस्साई भीड़ ने बस के कांच फोड़े
हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया। कुछ लोगों ने बस में बैठी सवारियों को बाहर निकालकर बस पर पथराव कर दिया, जिससे उसके कांच टूट गए। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें बस के अनियंत्रित होकर आगे बढ़ने का घटनाक्रम दिखाई दे रहा है।
हादसे के बाद राजवाड़ा नो बस जोन
हादसे के बाद प्रशासन ने राजवाड़ा क्षेत्र को नो बस जोन घोषित कर दिया है। अब राजवाड़ा के सामने बसें खड़ी नहीं होंगी। हालांकि, क्षेत्र में ई-रिक्शा चालकों द्वारा जगह-जगह वाहन खड़े कर यात्रियों को बैठाने का सिलसिला नजर आया।
घटना के बाद अन्य सिटी बसों के चालक भी घबरा गए और कुछ सवारी से भरी बसों को छोड़कर मौके से चले गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सराफा, एमजी रोड और कोतवाली थाना क्षेत्रों का पुलिस बल तैनात करना पड़ा। एडीसीपी दीशेष अग्रवाल भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
इस दौरान एक अन्य सिटी बस को हटाने की कोशिश की गई, लेकिन स्टार्ट करते ही वह भी अचानक आगे बढ़ने लगी। एक अन्य चालक ने चलती बस में चढ़कर तार खींचकर उसे बंद किया। यह पूरा घटनाक्रम पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ।
ग्रीन सेल मोबिलिटी एजेंसी के प्रमुख रोशन अग्रवाल ने कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है और वह फिलहाल इंदौर से बाहर हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को लौटने के बाद ही घटना के संबंध में जानकारी दे पाएंगे।
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